ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट का मार्केट 2024 तक 18 बिलियन डॉलर यानी 1.32 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। कोरोना महामारी और मोबाइल यूजर्स की बढ़ते संख्या के कारण इंडस्ट्री में ग्रोथ देखने को मिला है। ग्रॉसरी बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जो प्री-कोविड स्तर से भी ज्यादा है।
ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट
2020 में दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भी इस सेक्टर में भारी निवेश किया है। रेडसीर (RedSeer) और बिग-बास्केट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट की रफ्तार कोरोना के कारण बढ़ी है। इस साल जनवरी के मुकाबले जून में ग्रोस मर्चेंडाइज वैल्यू (जीएमवी) करीब 1.7 गुना बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के अंत तक ऑनलाइन ग्रॉसरी का कारोबार 3 बिलियन डॉलर (22.10 हजार करोड़ रु.) तक पहुंच जाएगी।
बिग बास्केट के सीईओ और को-फाउंडर हरी मेनन ने कहा कि इंडस्ट्री ने पिछले तिमाही में एआरआर ( एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू) में 70 फीसदी की उछाल देखी गई है, जो कस्टमर्स के एक बड़े समूहों को सर्विस देने का मौका देती है और साथ में चुनौतियां भी खड़ी करती है।
प्री-कोविड स्तर से ज्यादा की बिक्री
रिपोर्ट के मुताबिक कंफर्ट फूड जैसे नूडल्स और कुकीज के साथ-साथ इम्युनिटी बूस्टर प्रोडक्ट, हाइजीन प्रोडक्ट जैसे सैनेटाइजर की मांग में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके अलावा स्नैक्स और ब्रांडेड फूड की मांग भी प्री-कोविड स्तर से 5 फीसदी ज्यादा बढ़ी है। हालांकि जून तिमाही में ग्रोथ 75 फीसदी तक पहुंच गई है। बेवरेजेज की मांग में भी प्री-कोविड के स्तर से 2 फीसदी ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है, जो दूसरी तिमाही में 50 फीसदी तक बढ़ गई है।
रेडसीर के सीईओ और को-फाउंडर अनिल कुमार का कहना है कि ऑफलाइन ब्रांड्स के मुकाबले ऑनलाइन ब्रांड्स की बिक्री में दोगुनी तेजी देखी गई है।
घरेलू उपयोग वाले सामानों की बिक्री भी प्री-कोविड के स्तर से 6 फीसदी ज्यादा है, लेकिन दूसरी तिमाही में इसकी ग्रोथ 11 फीसदी तक रही। रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू उपयोग वाले सामानों पर कोरोना महामारी का कोई असर नहीं पड़ा है।
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