इन दिनों अगर आप देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में लॉकर लेने का प्लान बना रहे हैं तो इससे पहले आपको ये जानना चाहिए कि बैंक किस साइज के लॉकर के लिए कितना शुल्क वसूलता है। SBI ने इसी साल फरवरी में इसके शुल्क में 33% तक की बढ़ोतरी की थी। आज हम आपको बता रहे हैं कि SBI लॉकर के लिए कितना चार्ज करता है।
कितनी देना होगा चार्ज
| लॉकर साइज | मेट्रो और अर्बन ब्रांच में चार्ज (रु) | रूरल और सेमीअर्बन ब्रांच में चार्ज (रु) |
| स्मॉल | 2000+GST | 1500+GST |
| मीडियम | 4000+GST | 3000+GST |
| लार्ज | 8000+GST | 6000+GST |
| एक्स्ट्रा लार्ज | 12000+GST | 9000+GST |
रजिस्ट्रेशन चार्ज
SBI छोटे और मध्यम लॉकरों के लिए 500 रुपए प्लस GST और बड़े लॉकरों के लिए 1,000 रुपए प्लस जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस लेता है। ये चार्ज आपको सिर्फ एक बार शुरुआत में ही देना होता है।
कितना देना होता है विजिट चार्ज
एक वित्त वर्ष में 12 बार लॉकर विजिट मुफ्त रहता है। इसके बाद, बैंक प्रति विजिट 100 रुपए + GST चार्ज करता है।
समय पर किराया न देने पर हो सकता है जुर्माना
समय पर लॉकर का किराया नहीं भरने पर 40 फीसदी तक जुर्माना हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों के अनुसार यदि आपने इसे 1 साल में कम से कम एक बार नहीं खोला तो बैंकों को आपके लॉकर को खोलने की अनुमति है। हालांकि ऐसा करने से पहले बैंक आपको एक नोटिस भेजता है।
लॉकर का भी करा सकते हैं बीमा
बैंक लॉकर में रखे आपके सामान की सुरक्षा तो करती है पर चोरी या डकैती होने पर मुआवजा नहीं देती। इसके अलावा भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, आतंकी हमला या चोरी आदि होने पर मुआवजा मिलेगा, इसकी गांरटी नहीं होती। ऐसी घटनाओं से आपको बड़ा नुकसान उठाना होता है। लेकिन इस तरह के नुकसान से लॉकर का भी बीमा करा कर बचा जा सकता है। यह ऑफर 'बैंक लॉकर प्रोटेक्टर पॉलिसी' के रूप में की जाती है। बैंक लॉकर में रखे आपके सामान की सुरक्षा तो करती है पर चोरी या डकैती होने पर मुआवजा नहीं देती। इसके अलावा भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, आतंकी हमला या चोरी आदि होने पर मुआवजा मिलेगा, इसकी गांरटी नहीं होती। हालांकि अगर बैंक की लापरवाही के चलते कस्टमर का नुकसान हुआ है तो मुआवजे का प्रावधान रहता है।
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